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डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (शरीर में पानी की कमी)
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ तब होता है जब हम जितना तरल पदारà¥à¤¥ लेते हैं, उससे अधिक तरल पदारà¥à¤¥ हमारे शरीर से बाहर निकल जाता है।
जब हमारे शरीर में पानी की मातà¥à¤°à¤¾ सामानà¥à¤¯ से कम हो जाती है, तो यह शरीर में खनिजों (नमक और चीनी) के संतà¥à¤²à¤¨ को गड़बड़ कर देता है। इसके कारण शरीर का कारà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है।
à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ मनà¥à¤·à¥à¤¯ के शरीर में दो तिहाई से अधिक पानी होता है। यह जोड़ों और आंखों को चिकनाहट पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है, पाचन में सहायता करता है, अपशिषà¥à¤Ÿ और विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बाहर निकालता है और तà¥à¤µà¤šà¤¾ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाठरखता है।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के कà¥à¤› शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लगना
और चकà¥à¤•र आना
तीकà¥à¤·à¥à¤£ गंध के साथ गहरे रंग का पेशाब होना
सामानà¥à¤¯ से कम बार पेशाब आना
किसी बचà¥à¤šà¥‡ को डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो सकता है अगर :
सिर का तालॠअंदर धंसा (fontanelle) हà¥à¤† हो
रोते समय आंसू न निकलना या कम निकलना
नैपकिन कम गीला होना
सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ महसूस करना
थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ निकलने पर à¤à¥€ शरीर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚
के बारे में और पढ़ें।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का कारण कà¥à¤¯à¤¾ है?
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ आमतौर पर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ या पानी न पीने या शरीर से दà¥à¤°à¤µ बाहर निकलने के कारण होता है। जलवायà¥, अधिक शारीरिक वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और आपका आहार के कारण à¤à¥€ डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो सकता है।
इसके अलावा बीमारी जैसे लगातार उलà¥à¤Ÿà¥€ और दसà¥à¤¤, बà¥à¤–ार से पसीना आना या गरà¥à¤® जगह पर à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने के कारण à¤à¥€ डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो सकता है।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के कारणों
के बारे में और पढ़ें।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का खतरा किसे होता है?
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को हो सकता है। लेकिन कà¥à¤› विशेष उमà¥à¤° के लोगों में इसका जोखिम अधिक होता है। इसमें शामिल है:
बचà¥à¤šà¥‡ और शिशॠ- इनके शरीर का वजन कम होता है और कम मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ के बाहर निकलने से शरीर संवेदनशील हो जाता है।
बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—- इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने शरीर में पानी की कमी के बारे में कम जानकारी होती है। बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
लंबे समय से असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ - मधà¥à¤®à¥‡à¤¹
से पीड़ित मरीज या शराब का सेवन
करने वाला वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¥¤
à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿà¥à¤¸ - पसीने के जरिठअधिक मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ शरीर से बाहर निकल आता है।
कà¥à¤¯à¤¾ करें
अगर आपको डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो गई है, तो खूब सारे तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करें। पानी, सेमी-सà¥à¤•िमà¥à¤¡ दूध, पतला सà¥à¤•à¥à¤µà¥ˆà¤¶ या फलों का रस नियमित अंतराल पर लें। लेकिन कैफीन और सोडा यà¥à¤•à¥à¤¤ पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवनसे परहेज करें।
लगातार उलà¥à¤Ÿà¥€ और दसà¥à¤¤ के कारण आपके शरीर में पानी की कमी हो जा रही हैं तो कम मातà¥à¤°à¤¾ में बार-बार पानी या तरल पदारà¥à¤¥ पीने की कोशिश करें।
शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पानी नहीं पिलाना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह उनके शरीर में पहले से ही कम मातà¥à¤°à¤¾ में मौजूद खनिजों को पतला कर देता है जिससे समसà¥à¤¯à¤¾ और अधिक गंà¤à¥€à¤° हो सकती है।
इसके बजाय उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फलों का पतला जूस या रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ घोल (फारà¥à¤®à¥‡à¤¸à¥€ पर उपलबà¥à¤§) देना चाहिà¤à¥¤ आप छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को तरल पदारà¥à¤¥ देने के लिठचमà¥à¤®à¤š या सीरिंज का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं।
अगर समय पर इसका इलाज न किया जाठतो डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ गंà¤à¥€à¤° हो सकता है और इसके कारण बचà¥à¤šà¥‡ को दौरे पड़ना
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और यहां तक की मौत à¤à¥€ हो सकती है।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के इलाज
के बारे में और पढ़ें।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाà¤à¤‚
अगर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ का सेवन करने के बाद à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ लगातार बने हों, या आपको लगता है कि आपके शिशॠया बचà¥à¤šà¥‡ को डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो गया है, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की आशंका होने पर आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° खून की जांच
या पेशाब की जांच के साथ ही शरीर में नमक (सोडियम और पोटैशियम) के संतà¥à¤²à¤¨ की à¤à¥€ जांच करेगा।
अगर आपको इनमें से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ महसूस हों, तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें:
थकान (सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€) या उलà¤à¤¨ महसूस होना
मà¥à¤à¤¹ सूखना
और आà¤à¤–ों में आंसू न बनना
आठघंटे तक पेशाब न होना
तà¥à¤µà¤šà¤¾ शà¥à¤·à¥à¤• होना और ढीली पड़ जाना
हृदय की धड़कन बढ़ना
उलà¥à¤Ÿà¥€ या मल में खून आना
निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (हाइपोटेंशन)
पिछले 24 घंटों में यदि आपके बचà¥à¤šà¥‡ को 6 या इससे अधिक बार दसà¥à¤¤ हो चà¥à¤•ा हो या तीन से अधिक बार उलà¥à¤Ÿà¥€ हो चà¥à¤•ी हो, तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (dehydration) के लकà¥à¤·à¤£
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हलà¥à¤•ा, मधà¥à¤¯à¤® या गंà¤à¥€à¤° हो सकता है, जो इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि आपके शरीर का वजन तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से कितना कम हो गया है।
पà¥à¤¯à¤¾à¤¸
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का पहला लकà¥à¤·à¤£ है। अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
चकà¥à¤•र आना या कमजोरी
सिरदरà¥à¤¦
थकान
मà¥à¤à¤¹ सूखना,
होंठऔर आà¤à¤–ें शà¥à¤·à¥à¤• होना
पेशाब का रंग गहरा होना
कम मातà¥à¤°à¤¾ में पेशाब होना (दिन में तीन या चार बार से कम)
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के कारण ताकत और शकà¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ कम हो सकती है। यह आमतौर पर लू लगने
का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण है।
à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको चिकितà¥à¤¸à¤¾ सलाह लिठबिना डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ को कम करने के लिठअधिक मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ लेना चाहिà¤à¥¤
यदि डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• हो, तो यह आपके किडनी के कारà¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है और किडनी की पथरी
हो सकती है। इसके अलावा निमà¥à¤¨ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती है :
लिवर, जोड़े और मांसपेशियां कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होना
कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² की समसà¥à¤¯à¤¾
कबà¥à¤œ
गंà¤à¥€à¤° डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨
यदि डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का इलाज न किया जाठतो यह गंà¤à¥€à¤° हो सकता है।
गंà¤à¥€à¤° डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¤• आपातकालीन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है। इसलिठततà¥à¤•ाल डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚।
यदि आपको निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ महसूस होते है, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें:
थकान (सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€) या उलà¤à¤¨ महसूस होना
मà¥à¤à¤¹ सूखना और आà¤à¤–ों में आंसू न बनना
आठघंटे तक पेशाब न होना
तà¥à¤µà¤šà¤¾ शà¥à¤·à¥à¤• होना और ढीली पड़ जाना
हृदय की धड़कन बढ़ना
उलà¥à¤Ÿà¥€ या मल में खून आना
निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (हाइपोटेंशन)
चिड़चिड़ापन
आंखें धंस जाना
नबà¥à¤œ कमजोर होना
हाथ पैर ठंडे पड़ जाना
दौरे पड़ना
à¤à¥à¤°à¤® होना
यदि गंà¤à¥€à¤° डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का तà¥à¤°à¤‚त इलाज नहीं किया जाता है, तो यह कई परेशानियों का कारण बन सकता है। डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के कारण रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ रà¥à¤• जाता है, जिसके कारण वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की मौत à¤à¥€ हो सकती है।
à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मरीज को तà¥à¤°à¤‚त असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² पहà¥à¤‚चाने की जरूरत होती है और तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के नà¥à¤•सान को रोकने के लिठडà¥à¤°à¤¿à¤ª लगाया जाता है।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (dehydration) के कारण
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ आमतौर पर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ का सेवन न करने या जितना तरल पदारà¥à¤¥ आप लेते हैं, उससे अधिक शरीर से बाहर निकलने के कारण होता है। पसीना, आà¤à¤¸à¥‚, उलà¥à¤Ÿà¥€, पेशाब या दसà¥à¤¤ के माधà¥à¤¯à¤® से तरल पदारà¥à¤¥ शरीर से बाहर निकल आता है।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ कई चीजों पर निरà¥à¤à¤° कर सकती है, जैसे कि जलवायà¥, शारीरिक गतिविधि का सà¥à¤¤à¤° और आहार।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के पà¥à¤°à¤•ार
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ दो पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं। ये निमà¥à¤¨ हैं:
आइसोटोनिक डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (isotonic dehydration) - जब पानी और नमक समान अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ में शरीर से बाहर निकलते हैं तो इसे आइसोटोनिक डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ कहा जाता है। तरल पदारà¥à¤¥ के रूप में नमक और पानी हमारी कोशिकाओं के आसपास मौजूद होते हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार का डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ आमतौर पर दसà¥à¤¤
के कारण होता है।
हाइपरनेटà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¿à¤• डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (Hypernatraemic dehydration) - यह आमतौर पर शिशà¥à¤“ं या बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। हाइपरनेटà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का अरà¥à¤¥ रकà¥à¤¤ में नमक की अधिक मातà¥à¤°à¤¾ से है।
यह तब होता है जब बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर से नमक के बजाय अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पानी बाहर निकल आता है। जैसे बचà¥à¤šà¥‡ को पतला दसà¥à¤¤ और अधिक उलà¥à¤Ÿà¥€ होने पर।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ कई कारणों से होता है, इसके बारे में नीचे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताया गया है।
बीमारी
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ आमतौर पर गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸
नामक बीमारी के कारण होता है। इसमें दसà¥à¤¤
और लगातार उलà¥à¤Ÿà¥€ के कारण तरल पदारà¥à¤¥ शरीर से बाहर निकल आते हैं।
पसीना
यदि आप बà¥à¤–ार, वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और खेल के कारण अधिक पसीना बहाते हैं, या गरà¥à¤® मौसम में हाथ से à¤à¤¾à¤°à¥€ से काम करते हैं, तो आपको डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो सकता है।
इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में नियमित रूप से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पानी या तरल पदारà¥à¤¥ पीना जरूरी है। यह जरूरी नहीं कि आप अधिक पसीना बहाकर शरीर से तरल पदारà¥à¤¥ कम कर दें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और किशोरों को विशेष रूप से जोखिम होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚
को अनदेखा कर सकते हैं। इसके अलावा उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इसकी पहचान या इलाज के बारे में जानकारी नहीं होती है।
शराब
बहà¥à¤¤ अधिक शराब पीने से à¤à¥€ डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो सकता है। शराब à¤à¤• मूतà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤§à¤• है, जिसका अरà¥à¤¥ है कि शराब का सेवन करने से अधिक पेशाब हो सकता है।
शराब पीने के बाद सिरदरà¥à¤¦ होना डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का संकेत है। जब आप शराब पी रहे हों तो आपको à¤à¤°à¤ªà¥‚र पानी पीने की कोशिश करनी चाहिà¤à¥¤
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹
यदि आपको मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ है, तो आपको डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का खतरा हो सकता है। मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के रोगियों के रकà¥à¤¤ में गà¥à¤²à¥‚कोज का सà¥à¤¤à¤° अधिक होता है। इस दौरान किडनी अधिक मूतà¥à¤° का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करके गà¥à¤²à¥‚कोज से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने की कोशिश करती है। बार-बार पेशाब होने के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है।
विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के बारे में और पढ़ें।
किन लोगों को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जोखिम होता है?
इस उमà¥à¤° के लोगों को डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का जोखिम अधिक होता हैं:
बचà¥à¤šà¥‡ और शिशॠ- इनके शरीर का वजन कम होता है और कम मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ के बाहर निकलने से शरीर संवेदनशील हो जाता है।
बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—- उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने शरीर में पानी की कमी के बारे में कम जानकारी होती है और ये à¤à¥€ कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में पदारà¥à¤¥ की आवशà¥à¤¯à¤•ता है
लंबे समय से असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ - मधà¥à¤®à¥‡à¤¹
से पीड़ित मरीज या शराब का सेवन
करने वाला वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¥¤
à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿà¥à¤¸ - पसीने के जरिठअधिक मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ शरीर से बाहर निकल आता है।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (dehydration) का इलाज
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (dehydration) के इलाज का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है कि सेमी-सà¥à¤•िमà¥à¤¡ दूध, पतला सà¥à¤•à¥à¤µà¥ˆà¤¶ या फलों का पतले जूस जैसे तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का खूब सेवन करना।
मीठे पेय पदारà¥à¤¥ शरीर में चीनी की à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ करने में मदद करते हैं और नमकीन सà¥à¤¨à¥ˆà¤• शरीर में नमक की कमी की à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ करते हैं।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ से पीड़ित शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को केवल पानी नहीं देना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह उनके शरीर में पहले से ही कम मातà¥à¤°à¤¾ के खनिजों को पतला कर देता है और समसà¥à¤¯à¤¾ को बदतर बना सकता है। इसके बजाय, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पतला सà¥à¤•à¥à¤µà¥ˆà¤¶, फलों का पतला जूस या रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ घोल देना चाहिà¤à¥¤
यदि उलà¥à¤Ÿà¥€ या दसà¥à¤¤
की वजह से आपके बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर से तरल पदारà¥à¤¥ बाहर निकल जा रहा है, तो उसे कम मातà¥à¤°à¤¾ में बार-बार तरल पदारà¥à¤¥ दें। इसके लिठआप चमà¥à¤®à¤š या सीरिंज का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं।
, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और शिशà¥à¤“ं में उलà¥à¤Ÿà¥€
के बारे में अधिक जानकारी के लिठयहाठकà¥à¤²à¤¿à¤• करें।
रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ घोल
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ होने पर शà¥à¤—र और नमक के साथ ही शरीर में पानी की à¤à¥€ कमी हो जाती है। रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ घोल शरीर में तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सही संतà¥à¤²à¤¨ बनाठरखने में मदद करता है। यह घोल पोटैशियम, सोडियम, गà¥à¤²à¥‚कोज और सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š का मिशà¥à¤°à¤£ होता है
दवा की दà¥à¤•ानों पर कई तरह के रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ घोल उपलबà¥à¤§ हैं। अपने बचà¥à¤šà¥‡ और शिशॠके लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लेकर ही रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ घोल खरीदना चाहिà¤à¥¤
अपने बचà¥à¤šà¥‡ के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ घोल के बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° या फारà¥à¤®à¤¾à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ से पूछें।
गंà¤à¥€à¤° डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨
यदि किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की आशंका है तो तà¥à¤°à¤‚त चिकितà¥à¤¸à¤¾ सहायता लें। (गंà¤à¥€à¤° डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£
देखें)।
उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इलाज के लिठअसà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है। खासतौर से शिशà¥à¤“ं, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों को डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर तà¥à¤°à¤‚त उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ सकती है।
नाक में नसोगैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब या नस में सलाइन डà¥à¤°à¤¿à¤ª का उपयोग करके मरीज को तरल पदारà¥à¤¥ दिया जा सकता है। यह घोल की अपेकà¥à¤·à¤¾ शरीर में तेजी से जरूरी पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को पहà¥à¤‚चाता है।
यदि आपको पेट की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो कà¥à¤› रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ घोल में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नमक नहीं मिलाया जाता है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ताकत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाले घोल आवशà¥à¤¯à¤•ता होगी। आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको उपयà¥à¤•à¥à¤¤ रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ घोल के बारे में सà¥à¤à¤¾à¤µ देंगे।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (dehydration) से कैसे बचें
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ से बचने के लिठआपको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
खादà¥à¤¯ मानक à¤à¤œà¥‡à¤‚सी (à¤à¤«à¤à¤¸à¤) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यदि (या इसी तरह की जलवायॠवाले किसी सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर ) में रहते हैं तो आपको हर दिन 1.2 लीटर यानी 6-8 गिलास तरल पदारà¥à¤¥ पीना चाहिà¤à¥¤
पानी के साथ-साथ FSA, सेमी- सà¥à¤•िमà¥à¤¡ दूध, पतला सà¥à¤•à¥à¤µà¥ˆà¤¶ और फल का पतला रस पीने की सलाह देता है।
नियमित पानी पीà¤à¤‚
यदि आप बहà¥à¤¤ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं, या यदि मौसम काफी गरà¥à¤® है, तो डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ सकती है। डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ से बचने के लिठआपको नियमित परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अलग-अलग मातà¥à¤°à¤¾ में पसीना आता है। इसलिठयह सलाह देना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि आपको कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ हालांकि à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करते समय आपको सामानà¥à¤¯ से अधिक तरल पदारà¥à¤¥ का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ यदि आप गरà¥à¤® सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करते हैं तो परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ आपके शरीर को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखने में मदद करेगा। इसका कारण यह है कि गरà¥à¤® सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर आपको अधिक पसीना होगा और आपके शरीर से तरल पदारà¥à¤¥ तेजी से निकलेगा।
हालांकि, अधिक तरल पदारà¥à¤¥ पीने से आपके रकà¥à¤¤ में सोडियम (नमक) की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो सकती है। इससे हाइपोनैटà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¿à¤¯à¤¾
नामक गंà¤à¥€à¤° और घातक समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। यदि आप तरल पदारà¥à¤¥ पीने के बाद असहज और à¤à¤¾à¤°à¥€ महसूस करते हैं, तो कम मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करें।
बीमारी
यदि कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ या आपका बचà¥à¤šà¤¾ बीमार है और उसे बà¥à¤–ार, उलà¥à¤Ÿà¥€ और दसà¥à¤¤
की शिकायत हो तो, डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का खतरा बढ़ सकता है। इसलिठउसे तà¥à¤°à¤‚त परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ देना चाहिà¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसलाह
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पानी या अनà¥à¤¯ तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ के बारे में कोई विशेष सलाह नहीं दी जाती है।
हालांकि, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ से बचाने के लिठशरीर में तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ करना जरूरी है। वयसà¥à¤•ों की तरह, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शरीर से अधिक पानी तब निकलता है जब वे गरà¥à¤® मौसम में होते हैं और जब वे शारीरिक रूप से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होते हैं।
आपको अपने बचà¥à¤šà¥‡ के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठसंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार और परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पेय पदारà¥à¤¥ देना चाहिà¤à¥¤
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